ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका: क्रिकेट और रग्बी के मैदान से ताज़ा तस्वीर
🏏 क्रिकेट: तीसरा वनडे, मैके
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का आखिरी मुकाबला 24 अगस्त 2025 को मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरेना में खेला जा रहा है। सीरीज़ भले ही दक्षिण अफ्रीका 2-0 से अपने नाम कर चुका है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मैच बेहद अहम है क्योंकि यह उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है।
कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया। सलामी बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड और मार्श ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहले 12 ओवरों में ही टीम ने बिना विकेट गंवाए लगभग 100 रन बना डाले। हेड ने तेज़ तर्रार अर्धशतक जड़ा और मार्श ने भी बड़े शॉट खेलकर रनगति तेज़ रखी।
ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ समय से वनडे क्रिकेट में संघर्ष कर रहा है और हाल के आठ मैचों में सात बार हार का सामना कर चुका है। ऐसे में टीम का लक्ष्य इस मुकाबले को जीतकर आत्मविश्वास और संतुलन वापस पाना है।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में कुछ नए चेहरों को मौका दिया है। युवा गेंदबाज़ों और ऑलराउंडरों को आज़माने का मक़सद आगामी इंग्लैंड दौरे से पहले बेंच स्ट्रेंथ को परखना है। बावजूद इसके, शुरुआती ओवरों में कंगारुओं ने शानदार बल्लेबाज़ी कर यह संकेत दे दिया है कि वे इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे।
अब सबकी नज़र इस बात पर है कि क्या ऑस्ट्रेलिया इस बढ़िया शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल पाता है या दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाज़ी वापसी करती है।
🏉 रग्बी: चैम्पियनशिप टेस्ट, केप टाउन
क्रिकेट के साथ-साथ रग्बी मैदान पर भी इन दोनों देशों का आमना-सामना हुआ। 23 अगस्त 2025 को केप टाउन में खेले गए रग्बी चैम्पियनशिप मैच में मेज़बान दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 30-22 से हराया।
दोनों टीमों ने बराबरी से तीन-तीन ट्राई किए, लेकिन फ़ैसला हुआ गोल किकिंग की सटीकता पर। दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी फ्लाई-हाफ हैंड्रे पॉलार्ड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह गोल प्रयासों को सफलतापूर्वक बदल डाला और अकेले 15 अंक जोड़े। बारिश और मुश्किल हालात में स्प्रिंगबॉक्स ने अपने पारंपरिक फॉरवर्ड दबाव और रणनीतिक किकिंग से ऑस्ट्रेलिया पर बढ़त बनाई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से नए खिलाड़ियों ने अच्छी झलक दिखाई। डेब्यू करने वाले कोरी टूल, मैक्स जोर्गेन्सन और ब्रैंडन पैएंगा-अमोसा ने ट्राई किए, लेकिन किकर जेम्स ओ’कॉनर की नाकामी ने टीम की उम्मीदों को झटका दिया। उन्होंने अहम मौकों पर अंक गंवाए जिससे नतीजा उनके खिलाफ गया।
हालाँकि, हार के बाद भी कोच जो श्मिट ने टीम के प्रदर्शन में सुधार की बात कही और माना कि टीम धीरे-धीरे सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
तुलना और निष्कर्ष
दोनों खेलों से एक समान कहानी निकलकर सामने आई है।
क्रिकेट में, ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन शुरुआत कर यह जताया कि सीरीज़ हारने के बावजूद वे सम्मान बचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
रग्बी में, टीम ने कड़ा मुक़ाबला किया लेकिन अहम मौकों पर चूकने से जीत हाथ से निकल गई।
दक्षिण अफ्रीका ने दोनों मैदानों पर अपनी रणनीति और गहराई से साबित कर दिया कि वे मज़बूत और संतुलित टीम हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने जज़्बा तो दिखाया लेकिन निरंतरता और फिनिशिंग की कमी उन्हें महँगी पड़ी।
अंततः, क्रिकेट में नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि ऑस्ट्रेलिया क्लीन स्वीप से बच पाता है या नहीं, जबकि रग्बी में दक्षिण अफ्रीका ने एक बार फिर अपनी ताक़त का अहसास करा दिया है।
कूपर कॉनॉली (5/22) ऑस्ट्रेलिया के केवल दूसरे बाएँ हाथ के फिंगर-स्पिनर बने जिन्होंने किसी एकदिवसीय पारी में पाँच विकेट लिए। उनसे पहले माइकल क्लार्क (5/35) ने 2004 में श्रीलंका के खिलाफ डाम्बुला में यह कारनामा किया था।
मिचेल मार्श | ऑस्ट्रेलियाई कप्तान:
लड़कों का प्रदर्शन अच्छा रहा, बस अफसोस थोड़ा देर से आया। लेकिन साउथ अफ्रीका को पूरा श्रेय जाता है क्योंकि उन्होंने पहले दो मैचों में बेहतरीन खेल दिखाया। आज का दिन वाकई पागलपन भरा रहा, है ना? पूरा श्रेय साउथ अफ्रीका को जाता है। हम यह मैच जीतना चाहते थे ताकि क्लीन स्वीप न हो, खासकर घर पर। इसलिए यह दिन हमारे लिए बहुत अहम था। लड़कों ने शानदार बल्लेबाज़ी की।
हेड के साथ बल्लेबाज़ी करते समय बहुत मज़ा आया। ग्रीन भी शानदार रहा। जीत के साथ सीरीज़ खत्म करना बहुत अच्छा लगा। यह कूपर का पहला “फाइव-फॉर” था, और वह इससे काफी खुश था। जब कोई युवा खिलाड़ी आता है और इस तरह का प्रदर्शन करता है, तो अच्छा लगता है। इस मैच से हमें कई सकारात्मक पहलू मिले।
टे़म्बा बावुमा | दक्षिण अफ्रीका कप्तान:
आज हम पहले गेंद से ही दबाव में आ गए। उन्होंने हम पर दबाव बनाया और हमारे पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने विकेट को आसान दिखा दिया, जो वास्तव में अच्छा था। हाँ, वे हमसे कहीं बेहतर थे। (अनुभवी गेंदबाज़ों की कमी खली) क्योंकि उन्होंने परिस्थितियों को समझकर खुद को ढाला। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक है। हमें जोखिम भरे खेल और परंपरागत बल्लेबाज़ी के बीच संतुलन बनाना होगा। यहां से हम केवल बेहतर हो सकते हैं। इस समय हम एक पूर्ण टीम से दूर हैं।
हमने अपना सौ प्रतिशत नहीं दिया। लेकिन सीरीज़ जीतना हमारे लिए अच्छी बात है। हमें अपनी गलतियों से सीखना होगा क्योंकि अभी भी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में चूक हो रही है। एक-दिवसीय विश्व कप में अभी दो साल का समय है, इसलिए हमें लगातार बेहतर होना पड़ेगा।
केशव महाराज | सीरीज़ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी:
पाँच विकेट लेना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही। काश, मैं बाकी मैचों में भी योगदान दे पाता। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार खेल दिखाया, उन्हें श्रेय देना बनता है। सीरीज़ बहुत जल्दी खत्म हो गई, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में करियर के सर्वश्रेष्ठ आँकड़े पाकर आभारी हूँ। आज विकेट काफ़ी सपाट था और हम अनुशासित नहीं रहे।
उन्होंने ढीली गेंदों का भरपूर फायदा उठाया। हमें वापस जाकर और गंभीरता से काम करना होगा और आगे अधिक अनुशासित रहना होगा।
ट्रैविस हेड | मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी:
बहुत अच्छा लगा। कैर्न्स से यहाँ आने के बाद बड़ा अंतर महसूस हुआ। सीरीज़ मज़ेदार रही। अच्छा प्रदर्शन कर खुश हूँ। कुछ खिलाड़ियों के लिए यह अच्छे संकेत हैं। एशेज से पहले थोड़ा ब्रेक मिलेगा जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। कुछ मैचों में मैंने शुरुआत तो दी थी लेकिन आज गति बेहतर रही।
मार्श और मैंने अच्छी साझेदारी की, जो बहुत अहम थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए शतक बनाना शानदार अनुभव रहा। मैं खुद भी अपनी बल्लेबाज़ी देखकर चकित था। अब इस लय को लेकर ब्रेक में जाऊँगा।