फ्लोरिडा हादसा : अमेरिका में हरजिंदर सिंह की कानूनी जंग
भूमिका
फ्लोरिडा की सड़कों पर हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने न सिर्फ़ तीन परिवारों की खुशियाँ छीन लीं बल्कि एक युवा ट्रक ड्राइवर की ज़िंदगी को भी संकट में डाल दिया। भारतीय मूल के 28 वर्षीय हरजिंदर सिंह की कहानी इस समय अमेरिका और भारत दोनों जगह चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ग़लत यू-टर्न ने उसे सीधे अदालत और कड़ी सज़ा की संभावना के बीच खड़ा कर दिया है।
हादसा और आरोप
12 अगस्त 2025 को फ्लोरिडा टर्नपाइक पर हरजिंदर सिंह अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर से ग़लत दिशा में मुड़े। उसी दौरान उनकी गाड़ी की टक्कर एक मिनिवैन से हो गई। इस दर्दनाक टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद हरजिंदर वहां से भाग निकले, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्हें कैलिफ़ोर्निया से गिरफ्तार कर फ्लोरिडा लाया गया।
अदालत ने उन पर तीन वाहनीय हत्या (Vehicular Homicide) के आरोप लगाए हैं। अमेरिकी कानून के तहत एक आरोप पर अधिकतम 15 साल की जेल हो सकती है। यानी अगर दोष साबित होता है तो हरजिंदर को 45 साल की कैद झेलनी पड़ सकती है।

अदालत की कार्यवाही और जमानत पर रोक
जांच में यह भी सामने आया कि हरजिंदर ने साल 2018 में ग़ैरक़ानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश किया था। उस समय उसने दावा किया था कि भारत लौटने पर उसकी जान को ख़तरा है और इसी वजह से उसे $5,000 की बॉन्ड पर रिहाई दी गई थी।
लेकिन मौजूदा मामले में, जज लॉरेन स्वीट ने उसकी जमानत याचिका ठुकरा दी। अदालत का कहना था कि वह अनधिकृत आप्रवासी (Unauthorized Alien) है और उसके दोबारा भाग जाने की संभावना अधिक है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं।
जन समर्थन और याचिका अभियान
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया है। Change.org पर दर्ज याचिका “Plea for Fair Sentencing: Commutation Request for a 28-Year-Old Punjabi Man” पर अब तक 20 लाख से अधिक लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं।
समर्थकों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक दुर्घटनावश हुई घटना थी, कोई सोची-समझी योजना नहीं। उनका तर्क है कि सज़ा देते समय अदालत को इस पहलू को भी ध्यान में रखना चाहिए और हरजिंदर को कम सज़ा या सज़ा में राहत दी जानी चाहिए।
पंजाबी समाज का साथ
अमेरिका और भारत दोनों जगह से पंजाबी ट्रक ड्राइवरों और प्रवासी समुदाय ने हरजिंदर के लिए आवाज़ उठाई है। उनका कहना है कि हरजिंदर का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह केवल रोज़ी-रोटी के लिए मेहनत कर रहा था।
भारत के कई नेताओं ने भी कहा कि अमेरिकी वीज़ा और इमीग्रेशन से जुड़े कठोर कानून, पंजाबी युवाओं और सिख ट्रक ड्राइवरों पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं, जबकि यह समुदाय अमेरिकी ट्रकिंग सेक्टर की रीढ़ माना जाता है।
विरोध और आलोचना
हालाँकि, हर कोई इस समर्थन से सहमत नहीं है। आलोचकों का कहना है कि चाहे दुर्घटना जानबूझकर न हुई हो, लेकिन हरजिंदर अमेरिका में कानून तोड़कर रह रहा था। इसलिए उसे अपने कार्यों के लिए ज़िम्मेदार ठहराना ज़रूरी है।
वरिष्ठ पत्रकार वीर संघवी ने भी लिखा कि जिस देश में रहना है, उसके कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। उनके अनुसार, हरजिंदर को अपनी बेगुनाही या राहत पाने के लिए अदालत की प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक या सामुदायिक दबाव पर भरोसा करना चाहिए।
आने वाला समय
अब सबकी नज़रें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। अगर दोष साबित होता है, तो हरजिंदर को 45 साल तक की जेल हो सकती है। वहीं बचाव पक्ष अभी भी यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि यह मामला केवल लापरवाही से हुई दुर्घटना है, जानबूझकर किया गया अपराध नहीं।
केस का संक्षिप्त विवरण
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | हरजिंदर सिंह (28 वर्ष, ट्रक ड्राइवर) |
| घटना | 12 अगस्त 2025, फ्लोरिडा टर्नपाइक पर अवैध यू-टर्न → मिनिवैन से टक्कर → 3 मौतें |
| आरोप | 3 वाहनीय हत्या (Vehicular Homicide) |
| संभावित सज़ा | अधिकतम 45 साल जेल |
| कानूनी स्थिति | 2018 में अवैध प्रवेश, जमानत नामंज़ूर |
| जन समर्थन | 20 लाख+ हस्ताक्षर, प्रवासी समुदाय का साथ |
| विरोध | आलोचकों का मत – कानून सबके लिए समान |
| अगला चरण | अदालत की सुनवाई और संभावित फैसला |
Disclaimer
इस लेख में दी गई सभी जानकारी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स, अदालत से जुड़े दस्तावेज़ों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार से न्यायालयीन प्रक्रिया, जाँच या कानूनी फैसलों को प्रभावित करने का दावा नहीं करते। यह सामग्री केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत की गई है।